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इस साल नहीं घटेंगे दूध के भाव
इस बार उज्जैन शहर में दूध के भाव कम नहीं होंगे। इसे लेकर उज्जैन दुग्ध संघ और खेरची विक्रेताओं ने दूध के भाव कम करने से इनकार कर दिया है। दूध के भाव कम नहीं होने के पीछे दुग्ध संघ और खेरची विक्रेता अलग-अलग वजह बता रहे हैं। इधर दुग्ध संघ ने मावा सहित अन्य दुग्ध उत्पादों के भाव ५० रुपए तक कम किये हैं। सर्दियां नज़दीक आते ही उपभोक्ताओं में यह मांग स्वाभाविक रूप से बन जाती है कि दूध के भाव कम होना चाहिये। दुग्ध संघ ने अपने दुग्ध से जुड़े अन्य उत्पादों के भाव कम किये तो उपभोक्ताओं को यह आस बंधी कि आने वाले समय मेें दूध के भावों में भी कमी होगी।
उज्जैन दुग्ध संघ के सीइओ के.के. माहेश्वऱी ने बताया कि हमने अभी दूध खरीदी के भाव में प्रति फेट बढ़ा दिये हैं। उनका कहना है कि २० पैसे प्रति फेट के मान से खरीदी मूल्य बढ़ाने से प्रति किलो १ रुपए २० पैसे का अंतर आ रहा है। यही कारण है कि इस साल दूध के भाव स्थिर रखना ही मुश्किल है। फिलहाल साल के आखिरी दिनों तक दूध के भाव जस के तस ही बने रहेंगे।
अन्य बड़े दुग्ध संघ ने बढ़ा दिये दूध के भाव- भले ही सर्दी में दूध के भाव कम हो जाते हों लेकिन इस साल सर्दी आने से पहले ही अमूल सहित दिल्ली की मदर डेयरी ने दूध के भाव बढ़ा दिये हैं। अमूल ने दूध के भाव बढ़ाने के पीछे फिलहाल कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है लेकिन मदर डेयरी के प्रशासनिक सूत्रों ने यह जाहिर किया है कि दूध के भाव ढाई रुपए किलो तक बढ़ाये जाने के पीछे पशुओं की खाद्य सामग्री का महंगा होना और खरीदी मूल्य में बढ़ोत्तरी को जिम्मेदार माना है।